नई दिल्ली । तीसरी लहर के आहट से पहले एक राहत भरी खबर सामने आई है, बच्चों को जल्द ही कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताब...
डीसीजीआई ने दी मंजूरी
नीति आयोग के सदस्य (हेल्थ) वीके पॉल ने हाल ही में कहा था कि कोवैक्सीन को डीसीजीआई ने मंजूरी दे दी है। उसे 2 से 18 साल के आयु वर्ग के लिए क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति दी गई है। पटना एम्स में बच्चों पर कोवैक्सीन का ट्रायल शुरू होने के बाद नई दिल्ली एम्स अब ट्रायल करने जा रही है। पटना-एम्स के कोविड प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमार ने बताया कि 12 वर्ष से 17 वर्ष की उम्र तक के बच्चों पर यह परीक्षण मंगलवार से शुरू किया गया था। इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ये तीनों बच्चे स्वस्थ हैं।
525 हेल्थी वॉलेंटियर्स पर होगा ट्रायल
भारत बायोटेक को दवा नियामक डीसीजीआई से 11 मई को बच्चों पर क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिली थी। सूत्रों की मानें तो भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का ट्रायल 525 हेल्थी वॉलेंटियर्स पर होगा। इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों से लिया जाएगा। ट्रायल में विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
कई देशों में बच्चों को लग चुकी वैक्सीन
बता दें कि दुनिया में फाइजर, मॉडर्ना समेत कई कंपनियां पहले ही कोरोना वैक्सीन का बच्चों पर परीक्षण कर चुकी हैं। अमेरिका, कनाडा समेत कई देशों ने तो एक निश्चित आयु वर्ग के बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगाना भी शुरू कर दिया है।
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