*प्रदेश के कोविड से ठीक हुए लोगों को नहीं मिली मदद* रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी चिकित्सीय ...
*प्रदेश के कोविड से ठीक हुए लोगों को नहीं मिली मदद*
रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी चिकित्सीय परामर्श की जरूरत होती है। इसके लिए जिलेवार चिकित्सकों की तैनाती की जानी है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। जिसके चलते पूरे प्रदेश में कोविड से ठीक हुए लोगों को जो आवश्यक सुविधा मिलनी चाहिए वह नही मिल रही है। उन्होंने कहा कि जिलों में ठीक हुए लोगों की हालत को जानने के लिये अभियान चलाये जाने की जरूरत है। इससे साफ हो पायेगा कि आखिरकार जो ठीक हुए हैं, उन्हें किस तरह की मदद की जरूरत है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि कोरोना से ठीक होने के बाद मानसिक उपचार की जरूरत भी बताई जाती है। कहीं ऐसे लोग जो कोरोना से ठीक हो गये हैं, लेकिन उन्हें उपचार के लिये कोई और मदद की जरूरत तो नही है?इसकी भी चिंता की जानी चाहिए, लेकिन इस तरह की चिंता व तैयारी कहीं भी देखने को नहीं मिल रही है। इस वक्त प्रदेश में करीब 9.34 लाख लोग कोरोना से विजय प्राप्त कर चुके है। इसके बाद भी जो दिक्कतें हो रही हैं उसके लिये पूरे प्रदेश में विशेष शिविर का आयोजन करके कोरोना मुक्ति अभियान को और मजबूत कर जनजागृति अभियान चला सकते हैं। इसके लिये पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर अलग से अस्पताल भी प्रांरभ किया जाना चाहिये, लेकिन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में कहीं भी कोरोना से लड़ाई लड़ने की नही है। इसलिये आम लोगों को कोविड से ठीक होने के बाद भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिये ठोस पहल की जरूरत है लेकिन कहीं भी कोई तैयारी नही दिखती हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से ठीक हुए लोग कैसे हैं? इस पर एक सर्वे करके उनके उपचार के लिये किस तरह से आवश्यक कदम उठाये जा सकते है? इसकी भी तैयारी होनी चाहिये। जिससे कोरोना के विरूद्ध जारी लड़ाई में हमारी स्थिति और मजबूत होगी। लेकिन प्रदेश सरकार की योजनाओं में कभी ऐसा नहीं दिखता है कि कोरोना के ठीक हुए लोगों के उपचार व मानसिक स्वास्थ्य के लिए कोई ठोस कदम उठाये। जिसके चलते प्रदेश में कोरोना से ठीक हुए कई लोगों के सामने बेहतर उपचार का संकट खड़ा हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में आयुष्मान व खूबचंद योजना का लाभ नहीं मिला है। जिसके कारण कोरोना पीड़ित परिवार को निजी अस्पतालों में महंगी दर पर उपचार को विवश होना पड़ा है। जहां अधिक पैसे लेने की शिकायत भी मिलीं हैं। इसके कारण भी आम लोगों को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। प्रदेश सरकार को ऐसे परिवार के पैसे जो उपचार में खर्च हुए हैं वो वापस करना चाहिये।
.jpg)



No comments