रायपुर । भारत दुनिया के उन देशों में से है, जहां अपराध से जुड़ी ज्यादातर घटना या तो दबा दी जाती हैं या फिर बाहर आ ही नहीं पातीं। हालांक...
रायपुर
। भारत दुनिया के उन देशों में से है, जहां अपराध से जुड़ी ज्यादातर घटना
या तो दबा दी जाती हैं या फिर बाहर आ ही नहीं पातीं। हालांकि, कुछ ऐसे
मामले भी सामने आते हैं, जिनकी पूरी कहानी सोचने पर मजबूर कर देती है कि एक
अफसर कैसे पूरे सिस्टम का सीना गर्व से चौड़ा कर देता है। ऐसी ही कहानी
आईपीएस अफसर Mallika Banerjee की है, जिन्होंने कुछ ऐसा किया, जिसने लोगों
को सोचने पर मजबूर कर दिया। आइए आपको पूरी कहानी बताते हैं। 2016 में
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान आईपीएस अधिकारी मल्लिका बनर्जी ने एक
असामान्य लेकिन निर्णायक कदम उठाया। बच्चों के अचानक “नौकरी” के नाम पर
गायब होने के मामलों में पारंपरिक पुलिसिंग नाकाम साबित हो रही थी।
शिकायतें अधूरी रहती थीं और परिवार डर के कारण पीछे हट जाते थे। इस स्थिति
को समझने के लिए बनर्जी ने वर्दी उतारकर एक साधारण डोर-टू-डोर सेल्सवुमन के
रूप में गांव-गांव घूमना शुरू किया।
.jpg)



No comments