9.22 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित उल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाई रायपु...
9.22 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित
उल्लंघनकारी उद्योगों पर पखवाड़े भर में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की कड़ी कार्रवाई
स्पंज आयरन उद्योग पर कार्रवाई
ग्राम चरौदा, तहसील एवं जिला रायपुर स्थित स्पंज आयरन उद्योग मे०
पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड (पूर्व नाम-इंडियन स्टील एंड पॉवर
प्रा. लिमिटेड) में वायु प्रदूषण पाए जाने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं
नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत उत्पादन बंद करने एवं
विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
मेटल पार्क, रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जिनमें
मेटल पार्क, रावांभाठा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 09 स्लैग क्रशर, 01
बाइंडिंग वायर इकाई एवं 01 स्टील फर्नीचर इकाई बिना मंडल की वैध सम्मति एवं
प्रदूषण की स्थिति में संचालित पाई गईं। इन कुल 11 इकाईयों के विरुद्ध
वायु अधिनियम 1981 की धारा 31(क) एवं जल अधिनियम 1974 की धारा 33(क) के तहत
उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई।
सिलतरा एवं उरला क्षेत्र में भी कार्रवाई
सिलतरा स्थित इण्डक्शन फर्नेस उद्योग मे० एसकेए इस्पात प्रा.
लिमिटेड (पूर्व नाम-जोरावर इंजीनियरिंग एंड फाउंड्री फोर्ज प्रा. लिमिटेड)
में वायु प्रदूषण पाए जाने पर 19 फरवरी 2026 को उत्पादन बंद करने एवं
विद्युत विच्छेदन के आदेश जारी किए गए। इसी प्रकार उरला-गोंदवारा स्थित
इण्डक्शन फर्नेस एवं सीसीएम उद्योग मे० छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स प्रा.
लिमिटेड में वायु प्रदूषण पाए जाने पर उत्पादन बंद एवं विद्युत विच्छेदन की
कार्रवाई की गई।
9.22 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर द्वारा कार्रवाई के
अतिरिक्त निमयों का उल्लंघन अवधि के लिए नियमानुसार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
अधिरोपण की भी कार्रवाई की गई है। इस अवधि में कुल 03 उद्योगों पर कुल 9
लाख 22 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है। मंडल द्वारा
स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण
नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। संबंधित उद्योगों को निर्देशित
किया गया है कि जब तक वे पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति
शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति
प्रदान नहीं की जाएगी।
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा
औद्योगिक क्षेत्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण निरंतर जारी रहेगी
तथा किसी भी उद्योग से प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल निस्सारण पाए जाने
पर वायु एवं जल अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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