बिलासपुर। शहर से 1100 किलोमीटर दूर मेरठ से दो चोर बाइक से निकले और यहां पहुंचे। यहां एक अपार्टमेंट के दो फ्लैट में चोरी की और दूसरे अपा...
बिलासपुर।
शहर से 1100 किलोमीटर दूर मेरठ से दो चोर बाइक से निकले और यहां पहुंचे।
यहां एक अपार्टमेंट के दो फ्लैट में चोरी की और दूसरे अपार्टमेंट के फ्लैट
से बिना चोरी किए भागना पड़ा। वापस दिल्ली-मेरठ पहुंचने के बाद चोरी किए
सोने के गहनों को घर में ही गलाकर ढाल लिया। पूरी वारदात के दौरान फोन बंद
रखा। सभी पैंतरे आजमाने के बाद फोन पे ट्रांजेक्शन की जांच में एक आरोपित
पकड़ा गया। दूसरा दिल्ली की जेल में बंद है। पूछताछ में पता चला कि इनके
खिलाफ देशभर में चोरी और लूट के 47 मामले दर्ज हैं।
300 सीसीटीवी और बैंकिंग साक्ष्यों से मेरठ में गिरफ्तारी
एएसपी पंकज कुमार पटेल ने अपार्टमेंट चोरी का पर्दाफाश करते हुए बताया कि एसीसीयू और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने अपार्टमेंट से मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों के भागने की दिशा को ट्रेस करते हुए दिल्ली पहुंची। टीम ने दिल्ली से मिले साक्ष्य के आधार पर मेरठ में कई दिन गुजारे और फिर बैंकिंग ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपित ताज मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ताज मोहम्मद इतना शातिर था कि उसने पुलिस से बचने के लिए चोरी के जेवरों को चिमनी में गलाकर उनका स्वरूप ही बदल दिया करता था। पुलिस ने उसके पास से करीब पांच लाख रुपये का सोना और जेवर गलाने वाली चिमनी बरामद की है। 47 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके शातिर ताज मोहम्मद को पकड़ने के लिए पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला।
साकेत और रियल हैवन अपार्टमेंट को बनाया निशाना
शातिर
चोर ताज मोहम्मद अपने साथी वसीम मोहम्मद के साथ बाइक पर बैठकर बिलासपुर
पहुंचा था। 28 सितम्बर 2025 की दोपहर साकेत अपार्टमेंट के फ्लैट नं. बी 15
तीसरी मंजिल स्थित मकान से सोने के जेवर व रूबी गहने चोरी किए। उसके बाद
चोर साकेत अपार्टमेंट फ्लैट नं. बी 201 दूसरे माले से सोने, चांदी के गहने व
अन्य सामान चोरी कर चले गए। चोरों ने तीसरी चोरी की वारदात को अंजाम देने
मंगला स्थित रियल हैवन अपार्टमेंट पहुंचे, मकान का ताला कुंदा तोड़कर चोरी
करने का प्रयास कर रहे थे, इस दौरान पड़ोसी ने देख लिया तो दोनों आरोपित
भाग निकले थे।
फोन बंद कर रिश्तेदारों से बनाई दूरी, पर डिजिटल पेमेंट ने फंसाया
बिलासपुर
से चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर चोर पुलिस उसकी हर
गतिविधियों पर नजर न रख पाए इसके लिए अपना मोबाइल बंद कर दिया था व
रिश्तेदारों से दूरी बनाए हुए था। आरोपित दिल्ली व मेरठ के बीच लगातार अपना
लोकेशन बदल रहा था। सिविल लाइन व एसीसीयू की टीम ने तकनीकी साक्ष्य,
बैंकिंग और फोन-पे ट्रांजेक्शन के आधार पर आरोपित की घेराबंदी कर मेरठ से
गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ताज का सहयोगी वसीम मोहम्मद वर्तमान
में दिल्ली की एक जेल में बंद है। वह मंगला चौक से ऑटो पकड़कर रेलवे स्टेशन
भाग निकला था।
साक्ष्य मिटाने के लिए चिमनी और सांचों का इस्तेमाल
ताज मोहम्मद चोरी का माल किसी सुनार को बेचने के बजाय खुद ही उसे गला देता था। इसके लिए उसने अपने पास मकान में ही विशेष चिमनी और सांचे रखे थे, जिसे पुलिस ने मेरठ स्थित ठिकाने से बरामद किया है। उसका मानना था कि अगर सोना गल गया, तो पुलिस कभी यह साबित नहीं कर पाएगी कि यह जेवर किस घर से चोरी हुए थे। पुलिस ने आरोपित के घर से वह चिमनी भी बरामद कर ली है, जिससे वह साक्ष्यों को मिटाने का खेल खेलता था।
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