अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में सात युवकों ने दो नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। सहेलियों के साथ शादी समारोह...
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में सात युवकों ने दो नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। सहेलियों के साथ शादी समारोह से घर लौटते समय आरोपितों ने घटना को अंजाम दिया। दो अन्य नाबालिग आरोपितों की पकड़ में आने से पहले ही भाग निकलीं।
प्रकरण में शिकायत के बाद पुलिस ने ना तो तत्काल आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी की और ना ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया। दबाब बढ़ने पर एक प्रकरण में चार आरोपितों के विरुद्ध सामुहिक दुष्कर्म तथा लैंगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी की है।
मोटरसाइकिल सवार 12 युवकों ने रास्ते में घेर लिया
जानकारी
के अनुसार सीतापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 24 अप्रैल की रात एक घर
में शादी थी। चार नाबालिग सहेलियां दूसरे मोहल्ले में आयोजित शादी समारोह
देखने के लिए शाम करीब सात बजे गई थीं। रात करीब 10 बजे वे शादी समारोह से
वापस लौट रही थीं। गांव के स्कूल के पास लगभग 6 मोटरसाइकिल पर सवार 12
युवकों ने उन्हें घेर लिया और पकड़ने की कोशिश की।
खेत में चार युवकों ने पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म किया
युवकों
को देखकर एक नाबालिग मौके से भाग निकली। बाकी तीन को युवकों ने पकड़ लिया।
एक नाबालिग को युवकों ने बाइक पर बैठाया और दूर ले गए। खेत में चार युवकों
ने पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म किया। युवकों द्वारा पकड़ी गई दूसरी
नाबालिग के साथ स्कूल मैदान के पास ही तीन युवकों ने दरिंदगी की।
बाइक से कूदकर भाग निकली एक नाबालिग
दोनों पीड़िता की आयु 15 वर्ष से कम की बताई जा रही। आरोप है कि 13 वर्ष की एक अन्य नाबालिग को युवक बाइक पर बैठाकर दूर ले जा रहे थे। वह बाइक पर पीछे बैठने की जिद पर अड़ गई तो युवकों ने उसे पीछे बैठाया। रास्ते में वह बाइक से कूदकर भाग निकली। युवकों ने करीब दो किलोमीटर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन वह खेतों के रास्ते भाग निकलने में कामयाब रही।
सामूहिक
दुष्कर्म की शिकार हुई दोनों नाबालिग उसी दिन देर रात घर लौटीं। डर के कारण
उन्होंने घटना की जानकारी स्वजन को तत्काल नहीं दी। 25 अप्रैल की शाम को
एक पीड़िता ने स्वजन को घटना की जानकारी दी इसके बाद स्वजन थाने पहुंचे और
शिकायत दर्ज कराई।
गंभीर घटना के बाद भी पुलिस पर त्वरित कार्रवाई नहीं करने का आरोप
आरोप है कि गंभीर घटना के बाद भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की। प्राथमिकी तो दूर उनका चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं कराया। पीड़िता को अगले दिन आने के लिए कहा गया। दूसरे दिन दोनों पीड़िता थाने पहुंची। इसके बाद पुलिस ने दोनों का एलएलसी कराया।
एक नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने 26
अप्रैल को प्रियांशु खलखो, आशीष, राहुल और एक अन्य युवक के खिलाफ धारा 70
(2) बीएनएस और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराओं के
तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने सिर्फ एक किशोरी संग सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज की
दूसरे मामले में अभी तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है। जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग का कहना है कि पुलिस ने तत्काल न तो एफआईआर दर्ज की और न ही एमएलसी ही कराया। दबाब बढ़ने पर पुलिस ने सिर्फ एक किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी की है।
दोनों आदिवासी बालिकाएं हैं। इस प्रकरण में सीतापुर पुलिस ने लापरवाही बरती है। तत्काल सीतापुर के पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
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