नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य और आर्थिक कार्रवाई को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। ओवल ऑ...
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दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य
और आर्थिक कार्रवाई को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। ओवल ऑफिस में एक
कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि हालांकि यह
पूर्ण युद्ध नहीं है, लेकिन अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान की शक्ति को
कमजोर बना दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना और वायुसेना पूरी तरह
से नष्ट होने की कगार पर हैं।
उन्होंने आंकड़ों के साथ दावा किया कि
ईरान की ड्रोन फैक्ट्रियां 82% और मिसाइल फैक्ट्रियां 90% तक तबाह हो चुकी
हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी आर्थिक नाकेबंदी ने ईरान की तेल आय को शून्य कर
दिया है, जिससे वहां की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ट्रंप का मानना है कि
इन दबावों के कारण ईरान अब समझौता (Deal) करने के लिए बेताब है।
ट्रंप
ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने
दावा किया कि पिछले दो महीनों में लगभग 42,000 निहत्थे प्रदर्शनकारी मारे
गए हैं। राष्ट्रपति ने एक व्यक्तिगत हस्तक्षेप का जिक्र करते हुए कहा कि
उन्होंने एक फोन कॉल के जरिए आठ महिलाओं की फांसी रुकवाई। उन्होंने स्पष्ट
संदेश दिया कि पूरी दुनिया ईरान की हरकतों पर नजर रखे हुए है।
ट्रंप ने अपनी उपलब्धियों को ईरान से जोड़ा
ट्रंप
ने अपनी घरेलू उपलब्धियों को भी ईरान के मुद्दे से जोड़ा। उन्होंने कहा कि
जब अमेरिकी स्टॉक मार्केट (डॉव 50,000 और एसएंडपी 7,000) रिकॉर्ड स्तर पर
पहुंचा, तब उन्होंने ईरान के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने का फैसला किया।
उन्होंने दोहराया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित नहीं
करने दिया जाएगा।
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