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अंतरराष्ट्रीय कबड्डी स्टेडियम से डकाच्या को नई पहचान

  इंदौर। मध्य प्रदेश में पहली बार पारंपरिक खेल कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम आकार लेने जा रहा है। कबड्डी का खेल ग्रामीण क्षेत्रों...

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इंदौर। मध्य प्रदेश में पहली बार पारंपरिक खेल कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम आकार लेने जा रहा है। कबड्डी का खेल ग्रामीण क्षेत्रों में ही ज्यादा लोकप्रिय है, ऐसे में डकाच्या गांव में चार करोड़ रुपये की लागत से बहुउद्देश्यीय स्टेडियम आकार ले रहा है।

इसमें कबड्डी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इंदौर सहित मध्य प्रदेश में विभिन्न खेलों के अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम हैं, लेकिन कबड्डी जैसे कई पारंपरिक भारतीय खेल अब भी पुराने मैदानों में ही सिमटे हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर कर कबड्डी मैट पर खेली जाती है। फिर कबड्डी के खेल के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में रुझान ज्यादा है। सांवेर के गांव डकाच्या और आसपास के क्षेत्रों में कबड्डी का खेल बेहद लोकप्रिय है और कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां हैं। मप्र के कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक तुलसीराम सिलावट ने बताया कि देशी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार प्रयासरत हैं।

युवाओं को इस खेल के प्रति बहुत लगाव

यह संयोग ही है कि मैं स्वयं और मुख्यमंत्री भी कुश्ती खिलाड़ी रहे हैं। ग्रामीण परिवेश के चलते हमने कबड्डी भी खेली है और इच्छा थी कि कबड्डी का अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बने। इसके लिए डकाच्या का चयन किया गया क्योंकि यहां के युवाओं में इस खेल के प्रति बहुत लगाव है। मंत्री सिलावट ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्टेडियम निर्माण का अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। कबड्डी कोर्ट में उच्च गुणवत्ता की वुडन फ्लोरिंग, कबूतरों से सुरक्षा के लिए जाली, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पर्याप्त एग्जॉस्ट पंखे लगाने और तथा पेयजल की स्थायी व्यवस्था के लिए बोरिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी उपयुक्त हो।

जल्द बड़ा आयोजन होगा

मंत्री सिलावट ने बताया कि यहां स्टेडियम बनने से न सिर्फ खिलाड़ियों को अभ्यास का अवसर मिलेगा, बल्कि बड़ी स्पर्धाएं भी आयोजित होंगी। इससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलेगा। लगातार बड़े आयोजन होने से क्षेत्र का विकास भी होगा। स्टेडियम के निर्माण पूर्ण होने पर राष्ट्रीय स्तर की बड़ी स्पर्धा कराई जाएगी।

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